अध्याय 776: फिर से मिलना!

सारा ने उस छोटे लड़के को फूट-फूटकर रोते देखा, तो बड़े नरम लहजे में बोली, “अरे, मत रो। थोड़ी देर में मैं तुम्हें एकदम नई गेंद दिला दूँ, ठीक है?”

लड़के ने आँसू भरी आँखों से उसकी ओर देखा, साफ़-साफ़ शक झलक रहा था। “सच में?”

सारा मुस्कुराई, अपनी सूजी हुई कोहनी को सहलाते हुए। “बिलकुल।”

शायद वजह ये थी क...

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